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Monday, 24 July 2017

भारत के सबसे बड़े 10 अनसुलझे रहस्य

भारत के सबसे बड़े 10 अनसुलझे रहस्य
1 द कोंग्का दर्रा, लद्दाख
भारत में स्थित लद्दाख का कोंग्का दर्रा दुनिया के सबसे रहस्यमय इलाको में गिना जाता है | लद्दाख के इस दर्रा के बारे में कहा जाता है की यह अन्तरिक्ष के जीवो का गुप्त स्थल है, और इसी कारण यहाँ पर युएफओ का दिखाई देना आम बात है | दरसल कोंग्का दर्रा में आये दिन UFO देखने की खबरे आती रहती है | वही स्थानिय नागरिक भी इन बातो की पुष्टि करते है | यही नहीं यहाँ पर सन 2006 जून में गूगल के सैटेलाईट ने भी इस जगह की कुछ ऐसी तस्वीरे ली थी | जिनमे किसी रहस्यमयी यूएफओ को दिखाई देने का जिक्र है | लेकिन इस जगह जाना सबसे कठिन माना जाता है, यह इसलिए क्योंकि यह बहुत ही बर्फीला और दुर्गम क्षेत्र है, और सबसे बड़ी बात यह की यह जगह भारत-चीन की विवादित जगह भी है, जहाँ पर दोनों नजर तो रखते है लेकिन कोई पेट्रोलिंग नहीं करता |
2 क्या ताजमहल, तेजोमहालय है?
यह विषय आधुनिक इतिहासकारों के बीच का सबसे ज्यादा चर्चित विषय है | इसके साथ ही यह भारत के सबसे बड़े एतिहासिक रहस्यों में से एक है, की क्या वास्तव में ताजमहल ही तेजोमहालय है ? अगर दिल्ली के प्रोफेसर और इतिहासकार पी.एन. ओक की लिखी गयी पुस्तक पर यकीन माने तो यह महान इमारत जयपुर के राजा के अधीन थी और जब शाहजहाँ ने इसे जबरन अपने अधीन किया तो इसमें कुछ बदलाव कर इसे एक मकबरे की शक्ल दे दी गयी और आजाद भारत के इतिहासकारों ने बिना कुछ सोचे समझे इसे ज्यो का त्यों इतिहास में शामिल कर लिया | इसके अलावा दूसरे इतिहासकारों ने कुछ और भी साक्ष्य पेश किये है की उस वक्त के किसी भी लेख में ताजमहल के बनने का उल्लेख नहीं है और ताजमहल की कार्बन डेटिंग भी कुछ और ही कहानी बयाँ करती है |
3 प्रहलाद जानी
प्रहलाद जॉनी को दुनियाँ का सबसे ज्यादा रहस्यमयी इंसान और दुनियाँ का आँठवा अजूबा माना जाता है | कुछ लोग इनको सुपरह्यूमन भी कहते है | प्रह्लाद जानी के बारे में यह भी कहाँ जाता है की प्रहलाद जॉनी ने 70 सालो से कुछ भी नहीं खाया है | उनकी इसी बात की सत्यता को परखने के लिए उनपर 15 दिन तक चौबीसों घंटे निगरानी में रखा गया | लेकिन अंत में हर कोई आश्चर्यचकित था, की उन्होंने इस बीच अन्न का एक दाना भी नहीं खाया था, और इनको किसी भी प्रकार की बिमारी और कमजोरी के कोई लक्षण भी नहीं थे | प्रहलाद जॉनी इस बात का श्रेय अपनी आराध्य माँ भगवती जगदम्बा को देते है जिनके आशीर्वाद के कारण ही इनको ऐसी अवस्था प्राप्त हुई |
4 सम्राट अशोक के रहस्यमयी 9 लोगो की संस्था
सम्राट अशोक के रहस्यमयी 9 लोगो का समूह भी भारत के सबसे बड़े रहस्यों में एक है | इन 9 लोगो के बारे में कहा जाता है, की कलिंग की लड़ाई के बाद महान सम्राट अशोक ने उस वक्त के सबसे बुद्धिमान लोगो को लेकर एक संस्था बनाई | जिनके पास ज्ञान का अदभुत खजाना था, और यह 9 लोग अपनी अपनी 9 विद्याओं में माहिर थे | सम्राट अशोक द्वारा बनी इस संस्था का वास्तविक उद्देश्य ज्ञान को गलत हाथो में जाने से रोकना था और तभी से यह लोग इन विद्याओं की रक्षा करते आ रहे है जिनकी संख्या हमेशा 9 ही रही है | ऐसा कहाँ जाता है की इन लोगो के पास टाइम ट्रेवल, एंटी ग्रेविटी, जैविक हथियार, किसी भी वास्तु को किसी अन्य वास्तु में बदलने की क्षमता जैसी बहुमूल्य पुस्तके थी जिनकी रक्षा आज तक इन्ही लोगो के द्वारा होती आ रही है |
5 येती
यती भी भारत का सबसे बड़ा अनसुलझा रहस्य है | इसकी गिनती हिमालय के सबसे रहस्यमयी प्राणियों में होती है | जिसे कुछ लोगो ने देखा तो है लेकिन अभी तक इसके बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता | लेकिन हिमालय में रहने वाले कुछ लोग इन पर वैसे ही विश्वास करते है, जैसे आप और हम किसी भी ज्ञात प्राणी पर करते है | लद्दाख के कुछ बौद्ध मठो में इससे जुडी कई ऐसी एहम जानकारियाँ है | जिन पर सहसा विश्वास नहीं होता लेकिन आज तक इसे देखे जाने की खबरे आती रहती है |
6 कुलधरा
कुलधारा भुतिया वीरान गाँव के रूप में भारत ही नहीं बल्कि पुरे संसार में प्रसिद्ध है | इस गांव को पालीवाल ब्राह्मणो द्वारा सन 1291 में बसाया गया था | जो बहुत ही समृद्ध जाती थी और अपने व्यापार तथा खेती के लिए भी प्रसिद्ध है | यह गांव सन 1800 से ही वीरान हो गया था | इस गांव के वीरान होने के पीछे किसी श्राप को बताया जाता है | और यह भी कहा जाता है की यह श्राप कभी भी ख़तम नहीं होगा | लोगो के अनुसार यहाँ पर रहने वाले लोग एक ही रात में गायब हो गये थे जिसके बाद यह कभी नहीं बसा | यह गाँव जो अब खंडहरों में तब्दील हो चूका है | यह भी कहा जाता है की 1825 की एक रात में कुलधारा के सभी लोग और 83 के करीब गाँव अचानक ही बिना किसी कारण अचानक ही गायब हो गये और तब से ही यह एक रहस्य बना हुआ है जिसे आज तक नहीं सुलझाया गया |
7 चुम्बकीय पहाड़ी
चुंबकीय पहाड़ी हिमालय क्षेत्र का दूसरा ऐसा रहस्य है जो अभी तक अनसुलझा है | इस रहस्य का अनुभव हर कोई कर सकता है | इसके लिए सिर्फ व्यक्ति को हिमालय के लद्दाख में स्थित चुंबकीय पहाड़ी पर जाना होगा | कहते है की इस क्षेत्र का चुम्बकीय प्रभाव इतना ज्यादा है की अगर आप न्यूट्रल में गाडी कड़ी कर दे तो यह अपने आप तेजी से खिसकने लगती है और इसके बारे में स्थानीय लोग भी अनजान नहीं है वह भी इसके बारे में काफी कुछ बताते है और कई वैज्ञानिक दल भी यहाँ पर कई रिसर्च कर चुके है |
8 जोधपुर का रहस्यमयी धमाका
जोधपुर का रहस्मयी धमाका भी भारत के सबसे बड़े रहस्यों में से एक है | जिसका रहस्य आज तक अनसुलझा है | यह धमाका 18 दिसम्बर 2012 में जोधपुर में हुआ था | लेकिन अभी तक इस घटना का रहस्य बना हुआ है की ऐसा कैसे हुआ | जिसे लेकर पूरी दुनियाँ के वैज्ञानिक भी हैरान है | वह के स्थानीय लोग भी बताते है की 18 दिसम्बर को अचानक ही उन्होंने एक बहुत ही बड़े और भयानक विस्फोट की आवाज सुनी जिसे सुनकर ऐसा लगा की मानो कोई बड़ा प्लेन हवा में फट गया हो, इस विस्फोट को सुनकर वह दहल गए लेकिन बाद में पता लगा की कोई विमान दुर्घटना नहीं हुई है और न ही कोई विस्फोट हुआ और किसी भी प्रकार के कोई नुक्सान की खबर नहीं थी | यह धमाका कैसे हुआ, और क्यों हुआ इसका रहस्य अभी तक बरक़रार है |
9 अशोक की लाट
दिल्ली में कुतुबमीनार के पास ही सेकड़ो साल से “अशोक की लाट” शान से खड़ी है और आज तक इस पर जंग भी नहीं लगा | कई देशो के वैज्ञानिको ने इस पर अनेक बार अध्यन कर चुके है | लेकिन आज तक इसके रहस्य से पर्दा नहीं उठा है | दूसरे देशो के वैज्ञानिक तो इस बात पर हैरान है की आखिर हजारो साल पहले क्या भारत में वास्तव में इतनी उन्नत तकनीक थी जो ऐसी धातु बना सकते थे और जिस तरह इस लाट को प्रदर्शन हेतु स्थापित किया गया है उससे तो पता लगता है की वास्तव में प्राचीन भारतीय आधुनिक विज्ञान से भी कही ज्यादा आगे थे |
10 विमान
भारत के कई प्राचीन ग्रंथो में विमानों का उल्लेख किया गया है और इन ग्रंथो में विमान के बारे में विस्तार से बताया गया है, ऐसे में यह प्रश्न उठता है की क्या वास्तव में भारतियों के पास पहले से ही विमानों का ज्ञान था | जो समय के साथ कही लुप्त हो गया | सैकड़ों साल पहले ऋषि भरद्वाज द्वारा लिखे ग्रंथ वैमानिक शास्त्र में भी एक उड़ने वाले विमान का वर्णन किया गया है | कहा जाता है की आधुनिक विमान का निर्माण राइट ब्रदर्स ने किया था | लेकिन उनसे कई हजारो वर्ष पूर्व रामनयन में भी उड़ने वाले विमान का उल्लेख मिलता है |
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